दिल्ली के गांधी विहार इलाके में यूपीएससी की तैयारी कर रहे छात्र रामकेश मीणा की हत्या के मामले में लगातार नए और सनसनीखेज खुलासे हो रहे हैं। इस हत्याकांड की मुख्य आरोपी और मृतक की लिव-इन पार्टनर, फोरेंसिक स्टूडेंट अमृता चौहान को लेकर एक चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। जाँच के दौरान पता चला है कि हत्या की आरोपी अमृता को उसके ही माता-पिता ने लगभग एक साल पहले अखबार में विज्ञापन छपवाकर औपचारिक रूप से बेदखल (Disown) कर दिया था। परिजनों ने यह कदम उसके ‘गलत व्यवहार’ और ‘अनियंत्रित जीवनशैली’ के कारण उठाया था, जिसके चलते परिवार ने उससे सभी संबंध तोड़ लिए थे, और अब इस जघन्य अपराध के बाद परिवार का दावा है कि उनका बेटी से कोई लेना-देना नहीं है।
पुलिस जाँच और फोरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर यह भी सामने आया है कि 21 वर्षीय अमृता ने यह हत्या एक सुनियोजित साजिश के तहत की थी। जाँचकर्ताओं का मानना है कि उसने क्राइम शो और अपनी फोरेंसिक ट्रेनिंग की जानकारी का इस्तेमाल करते हुए हत्या की योजना बनाई। उसने मृतक को गोली मारने के बाद, हत्या को एक हादसा दिखाने की पूरी कोशिश की। इसके लिए उसने कमरे में आग लगाकर और एक गैस सिलेंडर को मृतक के पास रखकर इसे शॉर्ट सर्किट या बिजली के झटके से लगी आग का रूप देने की कोशिश की थी।
हत्या के पीछे का मुख्य मकसद व्यक्तिगत बदला और प्राइवेसी का उल्लंघन बताया जा रहा है। पूछताछ में यह खुलासा हुआ है कि मृतक रामकेश मीणा, कथित तौर पर अमृता के कुछ निजी अश्लील वीडियो रखे हुए था, और जब अमृता ने उसे ये वीडियो डिलीट करने के लिए कहा, तो उसने मना कर दिया। मृतक के मना करने पर अमृता को लगा कि उसे धोखा दिया जा रहा है और उसकी निजता का उल्लंघन हो रहा है। इसी बात से गुस्सा होकर अमृता ने अपने एक अन्य प्रेमी सुमित के साथ मिलकर इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने अमृता और उसके सहयोगी दोनों को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की विस्तृत जाँच जारी है।






