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दिल्ली में दहलाने वाला कार ब्लास्ट: 9 की मौत, जानिए इस खौफनाक साजिश के पीछे किसका हाथ है?

दिल्ली, 11 नवंबर 2025: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली सोमवार शाम एक भीषण आतंकी हमले से दहल उठी, जब लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 1 के पास खड़ी एक हुंडई i20 कार में जोरदार धमाका हुआ। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में अब तक 9 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 20 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हैं। सुरक्षा एजेंसियां इसे एक सुविचारित आतंकी साजिश मानकर जाँच कर रही हैं और इसके तार फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल से जुड़ रहे हैं।
धमाके का मंजर और क्षति:
शाम करीब 6:52 बजे हुए इस धमाके की गूँज कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि कार के परखच्चे उड़ गए और यह मलबे के ढेर में बदल गई। घटनास्थल पर मौजूद कई ई-रिक्शा, ऑटो और अन्य वाहन भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। लाल किला मेट्रो स्टेशन के शीशे टूट गए और आस-पास की दुकानों में भी काफी नुकसान हुआ। मौके पर तुरंत दमकल की गाड़ियां, एंबुलेंस और पुलिस बल पहुँचा। बचाव कार्य युद्धस्तर पर शुरू किया गया और घायलों को LNJP और राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
आतंकी एंगल और ‘डॉक्टर उमर’ का नाम:
जाँच एजेंसियां, जिनमें NIA, NSG और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल शामिल हैं, इस घटना को आतंकी हमला मानकर जाँच कर रही हैं। शुरुआती जाँच और फोरेंसिक विश्लेषण से पता चला है कि कार में अमोनियम नाइट्रेट जैसे उच्च तीव्रता वाले विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया था।
जाँच का फोकस अब एक संदिग्ध व्यक्ति डॉक्टर उमर मोहम्मद पर है, जो कश्मीर के पुलवामा का रहने वाला है। एजेंसियों को संदेह है कि यह एक आत्मघाती (फिदायीन) हमला हो सकता है, और डॉ. उमर मोहम्मद ही कार में मौजूद था। घटनास्थल से मिले एक शव के डीएनए टेस्ट से इसकी पुष्टि की जा रही है।
फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल से कनेक्शन:
इस हमले के तार हाल ही में भंडाफोड़ हुए फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल से जुड़ रहे हैं। कुछ दिन पहले ही केंद्रीय एजेंसियों और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने फरीदाबाद और आसपास के इलाकों से भारी मात्रा में विस्फोटक (लगभग 2900 किलो अमोनियम नाइट्रेट) और हथियार जब्त किए थे। इस कार्रवाई में डॉ. मुजम्मिल और डॉ. आदिल जैसे कई कश्मीरी डॉक्टर और पढ़े-लिखे पेशेवर गिरफ्तार हुए थे।
एजेंसियों का मानना है कि फरीदाबाद मॉड्यूल के भंडाफोड़ और अपने साथियों की गिरफ्तारी से डॉ. उमर मोहम्मद घबरा गया था। पकड़े जाने के डर से उसने हड़बड़ी में दिल्ली आकर इस हमले को अंजाम दिया। माना जा रहा है कि उसका मूल लक्ष्य सेंट्रल दिल्ली का कोई बड़ा और भीड़भाड़ वाला इलाका था, लेकिन घबराहट में उसने लाल किला के पास ही विस्फोट कर दिया।
कार के मालिक की तलाश और साजिश की परतें:
विस्फोट में इस्तेमाल हुई हुंडई i20 कार हरियाणा (HR) नंबर की थी। जाँच में पता चला है कि यह कार कई बार बेची जा चुकी थी। कार के पहले मालिक गुरुग्राम के मोहम्मद सलमान को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। सलमान ने बताया कि उसने कार आगे बेच दी थी। जाँच की कड़ियाँ आखिरकार कश्मीर के तारिक नामक व्यक्ति तक पहुँचीं, जिसने कथित तौर पर कार डॉ. उमर को दी थी। तारिक को भी हिरासत में लिया गया है।
सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे “व्हाइट कॉलर” आतंकी नेटवर्क की जड़ों को खंगाल रही हैं, जिसमें पढ़े-लिखे पेशेवर शामिल हैं। इसके साथ ही, पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स की भूमिका की भी जाँच की जा रही है, क्योंकि पाकिस्तानी सोशल मीडिया हैंडल्स पर इस हमले के बाद भारत के खिलाफ प्रोपेगेंडा फैलाया गया था।
देशभर में हाई अलर्ट:
इस घटना के बाद दिल्ली सहित पूरे देश में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। संवेदनशील इलाकों और सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। गृह मंत्री अमित शाह ने स्थिति की समीक्षा की है और सभी एजेंसियों को पूरी गंभीरता से जाँच करने के निर्देश दिए हैं।
यह हमला देश की सुरक्षा के लिए एक बड़ी चुनौती है, और एजेंसियां इस साजिश के पीछे के सभी चेहरों को बेनकाब करने में लगी हैं।

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