राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आस-पास के NCR क्षेत्र में हवा की गुणवत्ता एक बार फिर ‘खतरनाक’ (Severe) और ‘बेहद खराब’ (Very Poor) श्रेणी में पहुँच गई है। आसमान में धुंध (Smog) की मोटी चादर छाई हुई है, जिससे लोगों को साँस लेने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
AQI स्तर: केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, सोमवार सुबह (3 नवंबर 2025) दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 319 दर्ज किया गया, जो ‘बेहद खराब’ श्रेणी में आता है।
सबसे प्रदूषित इलाका: पूर्वी दिल्ली के आनंद विहार में प्रदूषण का स्तर सबसे अधिक दर्ज किया गया, जहाँ AQI 371 तक पहुँच गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में है और ‘गंभीर’ (Severe, 400+) श्रेणी के करीब है।
अन्य प्रभावित क्षेत्र: दिल्ली-एनसीआर के अन्य प्रमुख इलाके जैसे वज़ीरपुर, अशोक विहार, जहांगीरपुरी, और नोएडा में भी AQI 350 से 400 के बीच रहा।
कारण: ठंडी और स्थिर हवाएं, गाड़ियों से निकलने वाला धुआं, औद्योगिक उत्सर्जन और पराली जलाने की घटनाओं को प्रदूषण बढ़ने का मुख्य कारण माना जा रहा है।
स्वास्थ्य सलाह: डॉक्टरों ने बुजुर्गों, बच्चों और सांस की बीमारियों से जूझ रहे लोगों को खास सावधानी बरतने, मास्क पहनने और घर के अंदर रहने की सलाह दी है।
दिल्ली-NCR में धुंध की चादर छाई हुई है, और जहरीली हवा लोगों का दम घोंट रही है। आनंद विहार में AQI 371 दर्ज किया गया है।
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