Homeस्वास्थहेल्दी लाइफ़स्टाइल अपनाना क्यों है ज़रूरी? बढ़ती बीमारियों के बीच जागरूकता बढ़ी

हेल्दी लाइफ़स्टाइल अपनाना क्यों है ज़रूरी? बढ़ती बीमारियों के बीच जागरूकता बढ़ी

आज की तेज़ रफ्तार ज़िंदगी में लोग पैसे और काम के पीछे भागते-भागते अपने स्वास्थ्य को नज़रअंदाज़ कर रहे हैं। लेकिन अब हालात बदल रहे हैं। हाल ही में भारतीय स्वास्थ्य मंत्रालय की रिपोर्ट में सामने आया है कि देश के करीब 62% लोग अब अपनी लाइफ़स्टाइल में सुधार लाने की कोशिश कर रहे हैं। यह जागरूकता पिछले पाँच सालों में करीब 20% बढ़ी है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि हेल्दी लाइफ़स्टाइल न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक और भावनात्मक रूप से भी इंसान को मजबूत बनाती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, दुनिया भर में होने वाली लगभग 70% मौतें ऐसी बीमारियों से होती हैं जो अस्वस्थ जीवनशैली का परिणाम हैं, जैसे हार्ट डिज़ीज़, डायबिटीज़, मोटापा और ब्लड प्रेशर।

अपोलो हॉस्पिटल, दिल्ली की न्यूट्रिशन एक्सपर्ट डॉ. रचना अग्रवाल कहती हैं —

“अगर लोग सिर्फ तीन चीज़ों पर ध्यान दें — संतुलित आहार, पर्याप्त नींद और नियमित व्यायाम — तो वे 70% से ज़्यादा लाइफ़स्टाइल बीमारियों से बच सकते हैं।”

डॉ. अग्रवाल के अनुसार, भारत में हर तीसरा व्यक्ति नींद की कमी और मानसिक तनाव से जूझ रहा है, जो धीरे-धीरे गंभीर रोगों का कारण बन रहा है। वहीं, जिन लोगों ने योग और ध्यान को अपनी दिनचर्या में शामिल किया है, उनमें तनाव का स्तर औसतन 40% तक कम पाया गया है।

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) की रिपोर्ट बताती है कि 18 से 35 वर्ष के युवाओं में जंक फूड, मीठे पेय और मोबाइल पर अधिक समय बिताने की वजह से मोटापा और आंखों की समस्या तेज़ी से बढ़ी है। दूसरी ओर, जिन लोगों ने रोज़ाना कम से कम 30 मिनट पैदल चलना या योग करना शुरू किया है, उनमें स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार देखा गया है।

सरकार भी “फिट इंडिया मूवमेंट” और “ईट राइट इंडिया” जैसे अभियानों के ज़रिए नागरिकों को स्वस्थ रहने के लिए प्रेरित कर रही है। स्कूलों और कॉलेजों में भी छात्रों को पौष्टिक भोजन और खेलकूद को लेकर जागरूक किया जा रहा है ताकि आने वाली पीढ़ियाँ स्वस्थ और सक्रिय रहें।

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि लोग रोज़मर्रा के जीवन में छोटे बदलाव करें — जैसे सुबह जल्दी उठना, समय पर खाना खाना, तले और मीठे खाद्य पदार्थों से परहेज़ करना और स्क्रीन टाइम कम करना — तो वे न केवल बीमारियों से दूर रहेंगे बल्कि एक संतुलित और खुशहाल जीवन जी सकेंगे।

आज भारत में जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों का बोझ बढ़ रहा है, लेकिन सकारात्मक बात यह है कि अब लोग खुद आगे बढ़कर बदलाव की दिशा में कदम उठा रहे हैं। अगर यह जागरूकता इसी तरह बढ़ती रही, तो आने वाले वर्षों में भारत एक फिट और हेल्दी नेशन के रूप में उभर सकता है।

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