उत्तर प्रदेश के मौसम में अचानक और बड़ा बदलाव बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ के अप्रत्यक्ष प्रभाव के कारण आया है, जो अब कम दबाव के क्षेत्र में बदल चुका है। पिछले 24 से 48 घंटों में राज्य के कई जिलों में दिन के अधिकतम तापमान में 8^\circ C से 10^\circ C तक की भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिसके चलते झांसी जैसे शहर में अक्टूबर माह का सबसे ठंडा दिन रिकॉर्ड किया गया। इस बेमौसम बारिश और ठंडी हवाओं के कारण प्रदेश में अचानक ठंडक बढ़ गई है और लोग दिन में भी गर्म कपड़े पहनने लगे हैं, जबकि लखनऊ समेत मध्य यूपी के कई हिस्सों में धूप निकलना मुश्किल हो गया है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, आज 31 अक्टूबर 2025 (शुक्रवार) को पूर्वी उत्तर प्रदेश यानी पूर्वांचल के कई जिलों, जैसे वाराणसी, गाज़ीपुर, गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर और आस-पास के क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश होने का अलर्ट जारी किया गया है। इसके साथ ही, इन इलाकों में 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से तेज़ हवाएँ चलने और वज्रपात (बिजली गिरने) की भी चेतावनी है, इसलिए लोगों को अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है। हालांकि, मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि चक्रवाती तूफान का असर 31 अक्टूबर के बाद कम हो जाएगा और 1 नवंबर (शनिवार) से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम साफ़ हो जाएगा, जिसके बाद दिन के तापमान में थोड़ी वृद्धि होगी, लेकिन रातें अधिक ठंडी हो जाएंगी, जो वास्तविक सर्दी की शुरुआत का संकेत देगी।






